उच्चशिक्षणमेंशिष्यवृत्ती(बच्चोंकीमदद)

सुजाताबिस्नाल。एकयुवालडकीहमारेप्रकल्पकेपासएकगावबनतीहैं。बच्चोंकेलिएमददशुरूकरनेकीहमारीप्रेरणाथी。सुजातानेअपनीदसवीकक्षामेंपरीक्षामेंअच्छाप्रदर्शनकियाथा。लेकिनशिक्षाहोनहीसकीक्योंकिउसकीमांकेपाससंसाधननहीथा。औरशादीहीकेवलएकविकल्पलगरहाथा。

सुजाताकेपितानेपरिवारछोडदियाथाजबवोएकबच्चीथीऔरवेयहांदादीमांकेघरमेंरहरहेथे。उनकेचाचाजोउनकासमर्थनकररहेथे。उनकोकामकरतेसमयदुर्घटनाहोनेकारणजख्मीहोगयेथे。उनकीमांछोडकरदैनिकमजदूरीकेरूपमेंपरिवारकासमर्थनकरनेवालाकोईभीनहीथा。सुजातानेसोचाकीउसकेलिएएकमात्रविकल्पयातोकामकरनायाफिरशादीकरनाहीथा。

एकशैक्षणिकट्रस्टकेसहयोगसेश्री。समीरसोमय्याकेसाथएकमौकाबैठकमें”हेल्पअचाइल्ड”कीनिर्मितीहोगई。श्रीसमीरसोमय्यानेहरशिक्षाकोप्रायोजितकरनेकीजिम्मेदारीउठाई。हमारीकंपनीप्रेरणालेरहीहैकीवंचितप्रतिभाशालीबच्चोंकोउच्चशिक्षाप्राप्तकरनेमेंमददकरनेपरकेंद्रितपहलकीशुरुआतकी。

शुरूआतसेएकबच्चेकोएकछात्रवृत्तीकार्यक्रमसेअधिकमानाजाताहै。बल्कियहव्यक्तीयोंकेपरिवारोंऔरसमुदायोंकेजीवनकोबदलनेकाउद्देशथा。राज्यभाषासमुदायमेंहमारीगहरीजडोंकेमाध्यमसे,हमसामाजिकपरिवर्तनबनानेकेलिएउच्चशिक्षाकीसंभावनाकोसमझतेहै。
दुसरीबात,लडकीयोंकेलिएउच्चशिक्षामेंभेदभावगहरीहै。विशेषरूपसेगरीबपरिवारोंमेंहमनेशिक्षाकोदेखाहै。लेकिनलडकीयोंकोअपनेजीवनपरनियंत्रणरखनेकेलिएउन्हेसशक्तबनानाहै。जिससेउन्हेअपनेजीवनमेंसुधारकरनेकेलिएअधिकविकल्पमिलतेहै。ग्रामीणक्षेत्रोंमेंयहउन्हेदमनकारीरिवाजोंकेलिएआत्मबलदेताहैं。उनेकपरिवारोंमेंपरिवर्तनकरताहैऔरसमुदायकोप्रेरितकरताहै。इसगांवपरगहरापरिवर्तनप्रभावपडताहै。
जैसेहीकार्यक्रमकेशुरुआतहोचुकाहै。इसनेउनसमुदायोंकेहजारोंअसाधारणयुवाओंकासमर्थनकियाहै。जिनमेंआमतौरपरउच्चशिक्षातकपहुंचकीकमीहै,औरअपनीपसंदकेक्षेत्रोंमेंडिग्रीकार्यक्रमोंमेंउनकीसफलताकासमर्थनकियाहै。
२००१सेहमनेअपनेसपनोंकोहासिलकरनेकेलिए३००५सेअधिकछात्रोंकासमर्थनकियाहै。हमारेपूर्वछात्रोंमेंअबशिक्षकों,इंजिनिअरों,डॉक्टरोंऔरखातोंमेंशामिलहैं。कुछहमारेइंजिनिअरोंकेछात्रअबसंघटनकेकामकररहेहै。
हमअपनेउच्चशिक्षाकेप्रयोजनकेसाथबच्चोंकेविकासकेलिएएकसमग्रदृष्टिकोनलेतेहै。हमभीग्रामीणक्षेत्रोंमेंरहनीवालीलडकियोंकेमामलेमेंव्यक्तीविकासअंग्रेजीबोलने,कंप्युटरकौशल्यआदिजैसेप्रशिक्षणकार्यक्रमकोसमझतेहैं。
माता——पिताऔरसमुदायोंकेसाथमाता——पिताऔरमुद्दोंकीसमझबनानेकेलिएउच्चशिक्षाकेलिएसमर्थनप्राप्तकरनेऔरइसतरहसेविवाहकेलिएदबावकमकरदेतेहै。

सफलताकीकहानियां

भारती,नामककर्नाटकराज्यकेकुळाहळ्ळीएकछोटेगांवमेंअपनेबारवीपरीक्षामें८२。५%हासिलकरनेकेबादडॉक्टरबननेकीइच्छाव्यक्तकी。उसकेपिताकेलिएएकछोटेसेकिसानथे。जोकीभारतीकोडॉक्टरबनानेमेंपुरीसहाय्यताकरनेऔरभविष्यबंगलोरमेडिकलकॉलेजमेंउसेपुराकरनेसहयोगकिया。वहयहसुनिश्चितकररहीहैकीउसकेभाईबहनकोशैक्षिकमिलेऔरगरीबीकाचक्रटूटजाए。

पुंडलिकअनवल,कर्नाटककेगोकाक,तालुकाजिलाबेलगामकेएकछोटेसेगावतिम्मापूरसेदोसालतकअपनीपढाईछोडीथी,क्योंकिउनेकमाता——पिताकानिधनआठवीकक्षामेंहोगयाथा。पुंडलिकअपनेदादाऔरछोटीबहनकेसाथरहे。वहएककारखानेमेंसहाय्यकरूपसेकामकरनाशुरूकरदियाऔरअपनेदसवीकक्षाकेलिएपैसेबचतकरनाशुरूकरदिया。अपनीबचतकेमाध्यमसेउन्होनेबोर्डींगस्कूलमेंअपनादसवीकक्षापूरीकी。

उच्चशिक्षाकापिछाकरनेलिएपुंडलिककोउसकेशिक्षकोंनेहेल्पएचाइल्डकोसंपर्ककरनेकोसूचितकिया。दोसालकेलिएएकबच्चेकोसमर्थितपुंडलिककोमिलीमददसेउन्हेउनकीउच्चशिक्षापूरीकरसका。
मेकॅनिकलइंजिनिअरींगकाअध्ययनकरनेकेलिएकॉलेजऔरशहरमेंस्थानांतरितहुआ。पुंडलिकनेअपनीबॅचलरऑफइंजिनिअरींगकाअध्ययनआर。व्ही。कॉलेजऑफइंजिनिअरींगसेपुराकिया。
मेकॅनिकलविभागसेपुंडलिकप्रथमश्रेणीप्राप्तकरकेउत्तीर्णहुआ。उसनेसुवर्णपदकहासिलकिया。इसकेबावजूतपुंडलिकनेसीईटीपरीक्षामेंपहलाक्रमांककायमरखा。
आजपुंडलिकबंगलोरस्थितएककंपनीमेंसहाय्यकडिझाइनइंजिनिअरपदपेकामकररहाहै。वहांवोडिझाइनसॉफ्टवेअरकाउपयोगकररहाहै。इनमेंअग्निशमनऔरप्लंबिंगजैसेकार्यमेंयहसॉफ्टवेअरकामआताहै。
पुंडलिककाअगलामकामसिव्हिलसव्र्हिसपरीक्षाहै。पुंडलिककेइसयशसंपादनसेउनकेदादाजीऔरगाववालेकाफीगर्वमहसूसकररहेहै。

तृप्तीशंकरप्पाकोटी
बॅचलरऑफइंजिनिअरींगछात्र
एकमाता——पिताऔरपरिवार。उनकेपिताएकपूर्वसैनिकथे,औरजबवेसातवीकक्षामेंथे,तोतृप्तीकेपिताकादेहांतहोगया。तृप्तीकीमांकोपतीकीपेन्शनमिलतीथी。औरउनकेपेन्शनमेंउनकेमामामददकरतेथे。
तृप्तीनेवाणिज्य,कलाऔरविज्ञानकॉलेजजामखडीसेअपनाबारवीकीशिक्षापुरीकी。हमनेउसेबीईकेलिएसमर्थनदिया。जोउसनेगोगटेकॉलेजबेलगाममेंसेपुराकिया。तृप्तीनेप्रथमश्रेणीकेसाथबी。टेकमहिंद्रापुणेमेंस्थितहोगई。कॅम्पसइंटरव्ह््यूकेमाध्यमसेवहअबइंग्लंडमेंकामकररहीहै。तृप्तीनेअपनेजैसेहीलोगोंकोमददकरनेकेलिएदानदियाहै。

इरप्पादुन्डप्पाबाडीगर
डिप्लोमाइनएजुकेशनस्टूडेंट
इरप्पाकेपिताएकबढ़ईथेऔरमांरोजीमजदूरथी।वहअपनेपहलेवर्षमेंहेल्पअचाइल्डप्रोग्रामसेअनजानथाइसलिएउन्होंने12वींकक्षासेछात्रवृत्तिप्राप्तकरनाशुरूकरदिया।
इरप्पाकेपिताकीउम्रकमहोगईऔरउसकेबादसेसभीजिम्मेदारियांउनकेउपरथीं।इतनेकठिनसमयमें,उन्होंनेआगेअध्ययनकरनेकानिर्णयलियाऔरडी。एड。केलिएप्रवेशलिया।वहछुट्टियोंकेदौरानपरिवारकेसाथ——साथअपनीपढ़ाईकेखर्चकेलिएकामकरताथा।डी。एड。पूराकरनेकेबादवहपुलिसकीपरीक्षामेंआएऔरपरीक्षामेंसफलरहे।अबवहपुलिसकांस्टेबलकेरूपमेंकामकररहाहै।

श्वेताबंटानलएकप्रेरणादायककहानीहैजोग्रामीणकर्नाटककेएकछोटेगांवमुधोलसेआतीहै,जोभारतकेग्रामीणयुवाओंमेंप्रतिभाऔरलचीलेपनकाप्रदर्शनकरतीहै।उसकेपिताकानिधनहोजानेकेबादउन्हेंशिक्षाछोड़देनापड़ा।लचीलाऔरबेहतरजीवनकोसक्षमकरनेकेलिएअध्ययनकरनेकेध्येयमेंउसनेस्कुलकीहरप्रतियोगितामेंभागलेनाशुरूकिया。ऐसीप्रतियोगिताओंकोजितकरउससेमिलनेवालीइनामकीराशिकोउसनेअपनेशिक्षाकेखर्चकेलिएइस्तेमालकिया।
कक्षा12मेंउत्कृष्टशैक्षणिकप्रदर्शनकेबाद,उसे”हेल्पअचाइल्ड”द्वारादेखागया,औरसमर्थनकेसाथ,श्वेतानेअपना是पूराकियाऔरएकनौकरीसुरक्षितकी।वहअबबैंगलोरमेंएचपीकेसाथकामकररहीहै。वहशिक्षाछोड़करशादीकरलेतीऔरबच्चेपैदाकरतीतोगरीबीकाचक्रशुरूरहता।शिक्षानेअपनाजीवनबदलदियाउसनेअपनेपरिवारकासमर्थनकिया,औरअपनीबहनकीउच्चशिक्षाकेलिएभीभुगतानकियाइसउज्ज्वलयुवालड़कीकोहार्वर्डयूनिवर्सिटीकेएकसम्मेलनमेंबोलनेकेलिएभीआमंत्रितकियागयाथाजिसपरशिक्षानेगरीबीकेदुष्चक्रकोतोड़नेमेंकैसेमददकीथी।