शिक्षण

स्कूलीशिक्षामेंनिवेश

आंगनवाडी——सोमैय्याशिशुविहार

ग्रामीणविकासप्रक्रियामेंबचपनकीशिक्षाएकमहत्त्वपूर्णकदमहै。छोटीउम्रमेंबच्चोंकोउन्हेंपरिचितभाषाजैसेकीग्रामीण(देहाती)भाषामेंहीशिक्षणदियाजाताहै。

00आंगनवाडीप्रकल्पकासमर्थनकरनाहीइसअभियानकामुख्यउद्देशहै。00आंगनवाडीआंगनवाडीकेंद्रोमेंहमहमशिक्षणऔरखिलौनेदेतेदेतेस्वयंसेवकोंकेलिएमानदेय,शिक्षकोकोप्रशिक्षितकरनेकेसाथ-साथकक्षाएंबिनाखंडलीजातीहैकीनहीयहदेखनेकेलिएनियमितरूपसेजाँचभीकीजातीहै。

इससे२०००सेअधिकबच्चोंकोसालानालाभहोताहै。
सोमैयाशिशुविहार(आंगनवाडीकेंद्र)

मैंमैंहूं。हमारीहमारीउत्पन्नकामुख्यमुख्यस्रोतऔरकृषिमजदूरीमजदूरीमेरेतीनबच्चेहै。एकदुसरीकक्षामेंहैऔरदौपूर्वप्राथमिकमेंपढतेहै。हमाराघरखलियानकेपासहीहै。

मेरेबेटेसोमैयाशिशुविहारमेंपढाईकरतेहैऔरमेरीदोबेटियांभीउसीकेंद्रमेंपढतीहै。यहकेंद्रमेरेऔरआसपासकेपरिवारोंकेलिएबहुतउपयोगीहै。क्योंकीहमारेआसपासएकभीसरकारीपूर्वप्राथमिकविद्यालयनहींहै。सरकारीआंगनवाडीकीदूरीमेरेघरसेकरीब३किमीहै。हमारेबच्चोंकोसरकारीप्राथमिकस्कूलोंमेंभेजनेकेलिएहमेंबहुतमुश्किलेआतीहैं。हमेंखेतमेंकामहोनेकीवजहसेबच्चोंतोहरदिनस्कूलछोडनाऔरलानाबहुतमुश्किलहोताहैं。हमेंइसकेंद्रसेबडालाभहुआ。समीरवाडीफॅक्टरसेहमबहुतखूषहै。

श्री。अर्जुनएम。दड्डीमणि

  • उम्र -३२
  • |
  • व्यवसाय-कृषि
  • |
  • गांव-हंडीगौंड,जिला——बेलगाम(कर्नाटक)
  • |
  • कक्षा-तिसरी

मेरानामनिंगाप्पाहै。मैंखेतीकरताहूं。मेरेचारबच्चेहै。जिनमेंसेदोबच्चेसोमय्यापूर्वप्राथमिकविद्यालयोंमेंअध्ययनकररहेहैंऔरदुसरेदोबच्चे३सालसेकमहै。

सौमय्याविद्याालयहमारेलिएउपयोगीहै。सौमय्याहमारेपासकोईसरकारीप्राथमिकस्कूलनहींहै。हमखुशहैंकीमेरेदोबच्चेअबपढरहेहै。क्योंकिमैंनिरक्षरहूं。

श्री。निंगाप्पाएसब्याकोद,

  • उम्र -३०
  • |
  • व्यवसाय-कृषि
  • |
  • गाव -केसरागोप्पा,जिला - बागलकोट(कर्नाटक)
ग्रामीणस्कूल——सोमय्याविद्यामंदिर

शिक्षाहीगरीबोंकेजीवनकाउद्धारकरतीहै,इससोचकेसाथहमारेसस्थापकपद्मभूषणके。जे。सोमैयानेयहफैसलाकियाकीसमाजकेप्रतिकृतज्ञताव्यक्तकरनेकेलिएविद्यादानयहीसबसेसहीदानहोगा。इसलिएउन्होंनेउच्चगुणवत्तावालीशिक्षासस्थाओकोनिर्माणकरनेकेलिए१९५९मेंएकट्रस्टकीस्थापनाकी。

“वैसेहीअहमदनगरजिलेजिलेमेंदोदोऔरएकअंग्रेजीस्कुलस्कुलकीस्थापनाकीइनस्कूलोंकोबडेपरिसरोमेंबनायागयाहै。जोजोकिअच्छिविज्ञान,कंप्युटरकंप्युटर,पुस्तकालयऔरखेलसुविधाओंसुसज्जितहै。00

विद्यादान

करमशीजेठाभाईसोमय्याकाजन्मगरीबखानदानमेंहुआ。इसगरीबीकेकारणवेछटीकक्षातकहीशिक्षाप्राप्तकरसके。लेकीनशिक्षानेउसेगरीबीसेबाहरपडनेकाअवसरप्रदानकिया。१९३९मेंबडीकठिनाईकासामनाकरनेकेबादउन्होंनेमहाराष्ट्रमेंसाकरवाडीऔरलक्ष्मीवाडीमेंचीनीकारखानोंकीस्थापनकी。

गरीबोंकोशिक्षाजैसाउच्चतमदानदेनेकेहेतूसेप्रेरितहोकरउन्होंने१९५९मेंसोमय्याविद्याविहारट्रस्टस्थापितकिया。“ज्ञानहीमुक्तताकामाध्यमहै”यहसोमैयाविद्याविहारकाब्रीदहैं。

सोमय्याविद्याविहारनेकारखानेकेकर्मचारियोंकेबच्चोंकोशिक्षितकरनेकेलिएसाखरवाडीऔरलक्ष्मीवाडीमेंसोमय्याविद्यामंदिरस्कूलकीस्थापनाकी,औरबादमेंआसपासकेगांवोंकेबच्चोंकोशामिलकिया。साखरवाडीसाखरवाडीकीपहलीस्कुलसोमैयाश्रीरामपूर,रहाता,कोपरगावकोपरगाववैजापूरके,कान्हेगाव,ह्नुमानवाडी,साडे,भोजडे,धोत्रेधोत्रेऔरअन्यकईगाँवोंकेबच्चोकोगुणवत्तापूर्णशिक्षाजातीजातीजातीबच्चोकोगुणवत्तापूर्णशिक्षाडीजातीजाती

राहतातहसीलकेलक्ष्मीवाडीस्थितसोमैयाविद्यामंदिरमेंकोपरगांव,श्रीरामपूरऔरसंगमनेरकीतालुकोंसेनिघोज,निमगांव,शिर्डी,रुई,सोनेवाडी,दोहोळे,कोहाळेनिमशीवाडीऔरसावलीविहिरइनगावोसेबच्चेपढनेकेलिएआतेहै。

10एकरकेपरिसरमेंनिर्मितसाखरवाडीसोमय्याविद्यामंदिरविद्यालयमेंविशालकक्षाएंकक्षाएंहै。एकपुस्तकालय,फिल्मफिल्म,विज्ञानविज्ञान,अच्छीतरहसेसुसज्जितकंप्युटरओरसंगीतसज्जितहै。इनसुविधाओंकोछात्रोंहमेशाविभिन्नविभिन्नसहपाठ्यक्रमपाठ्यक्रमऔरअध्यापनमेंलगेहुएहुएहुएलगेहुएहुए

गोदावरीबायोरिफाइनरीजकेसक्रियसमर्थनकेसाथसाखरवाडीऔरलक्ष्मीवाडीमेंस्कूलोंकेविकासमेंसोमय्याविद्याविहारबारीकीसेशामिलहैं。
  • एस。के。सोमय्याकला,विज्ञानऔरवाणिज्यकॉलेजकेसमाजशास्त्रकेछात्रोंऔरप्रोफेसरोंनेपरिवार,माता——पिताऔरबच्चेकीसामाजिक——आर्थिकस्थितीकोसमझनेकेलिएगांवोंमेंहरपरिवारकादौराकिया。इसकेविस्तृतविश्लेषणकोएकस्कुलकमिटीकेसाथचर्चागया,इसकमिटीमेंश्री。समीरसोमैया,सम्बन्धितस्कुलकेप्राचार्यऔरशिक्षाविशेषज्ञशामिलहै. .वेमुद्दोंपरसमाधानकरनेओरबच्चोंकेलिएसमग्रशिक्षाप्रदानकरनेवालेशिक्षणविधियोंकाविकासकरनेकेलिएसमाधानोंपरचर्चाकरतेहैं。विशेषआर्थिकयासामाजिकसमस्यांओंवालेप्रतिभाशालीबच्चोंकेप्रगतिकोन्मीजीस्वरूपसेसंबोधितकियाजाताहै。
  • के。जे。
  • मुंबईमेंसंशोधनकररहेकॉर्नेलयुनिव्हर्सिटीकेछात्रऔरअध्यापकोंकोइनस्कूलोमेंआमंत्रितकिएगयेथे。उन्होंनेविज्ञानकेप्रयोगपरऔरशिक्षणकेविभिन्नतरीकोंकेबारेमेंचर्चाकी。
  • स्कूलोमेंएकदूर्बीणहै。हरसाल,नेहरूप्लेनेटोरियमकेपूर्वनिर्देशकदोनोंस्कुलोकादौराकरताहै。इसमेंबच्चोंकोसितारोंऔरग्रहोंपरफिल्मेंदिखानेकेअलावाउन्हेंसितारोंनेकेदर्शनभीदिएजातेहै
  • बच्चोकोमध्यान्हभोजनकेरूपमेंदिएजानेवालेअनाजकीगोदावरीजैवरिफाइनरीजलिमिटेडकेअधिकारीनिगरानीकरतेहै。स्कुलोद्वाराआयोजनकियेजानेवालेतहसील,जिलाऔरराज्यस्तरीयस्पर्धओंकोकम्पनीसमर्थनदेतीहै。

प्रभाव

सोमय्याविद्यामंदिर——साखरवाडी(तालुका:कोपरगाव,जिला:अहमदनगर)

९७。७०%उत्तीर्णपरिणाम

९२。२०%टोपरतनुजासी。काळे

२०%छात्रविशेषश्रेणीमेंउत्तीर्ण

1. तनुजाकाळे ९२。२०%
2. देवयानीएन。गागरे ९२。००%
3. प्रतीक्षाएस。मोरे ९१。६०%

सोमय्याविद्यामंदिर——लक्ष्मीवाडी(तालुका:रहाता,जिला:अहमदनगर)

९१。३०%उत्तीणपरिणाम

९४。००%पूजाके。त्रिभुवनस्कूलमेंटॉपर

16%छात्रविशेषश्रेणीमेंउत्तीर्ण

१。 पूजाके。त्रिभूवन ९४。००%
2。 वृषालीएस。घाणे ९२。८०%
3. प्रियांकाए。पाघीरे ९१。८०%
4. रुद्रएजांभुळकर ९१。८०%
प्राचार्योंकेविचार
प्राचार्यविद्यामंदिर,साखरवाडी

“हमबच्चोंकीशैक्षणिकप्रगतिमेंखुदकोशामिलकरतेहैं。वोजबकठिनाईकासामनाकरतेहैतबउन्हेंसहायताकरतेहै。शिक्षाकाबच्चोंकीऔरसमाजपरहोनेवालेसकारात्मकप्रभावकेबारेमेंहमउनकेमातापिताकोअवगतकरतेहै。उन्हेंबच्चोकीप्रगतिकेबारेमेंजानकारीदेतेहुए,उन्हेंप्रोत्साहितकरनेकीसलाहभीहमसेतेहै。”

कमआयवालेमाता——पिताबच्चोंकीबुनियादीजरूरतोंकोएकचुनौतीकेरूपमेंदेखतेहै。शिक्षाबच्चोंकेलिएआवश्यकहैयहबातजानकरभीवेउन्हेंघरपरपढ़ाईमेंसहायतानहींकरपातेहै。रोजमर्राकेजिन्दगीकेलिएकमानेमेंहीउनकासारादिननिकलजाताहै。जबकिअपनेबच्चेकेलिएशिक्षाकोसमझनामहत्त्वपूर्णहैवेघरपरपढाईकेलिएअपनेबच्चेकासमर्थननहीकरसकतेंहैं。उनकेलिएरोजानाकमानाहीप्रमुखकार्यबनजाताहै。बच्चेअक्सरघरकेकाममेंमददकरतेहैंऔरकोईकुछभीखेतोंमेंकामकरतेहै。हमइसकेप्रतिसंवेदनशीलहैऔरसुनिश्चितककिबच्चोंकोप्रेरितकरतेरहें。इसप्रकारशिक्षासस्तीऔरसुलभबनानामहत्त्वपूर्णहैं。जबमाता——पितास्कूलकोअच्छीगुणवत्ताकोदेखतेहैंतोयहबलिदानकरतेहैकिबच्चेकोप्रयासकेलायकअध्ययनकरना。

कारखानेप्रबंधनऔरसोमय्याविद्याामंदिरकाट्रस्टस्कूलमेंबहुतरुचिलेताहै。इससेग्रामीणोंकोस्कूलमेंबच्चोंकोभेजनेमेंविश्वासहोताहै。


प्राचार्यविद्यामंदिर,लक्ष्मीवाडी

“मराठीमाध्यममेंशिक्षाहोनेकेकारणमाता——पिताकोभीइसमाध्यममेंअपनेबच्चोंकोपढानासहज,सुलभलगताहैं。हमअपनेछात्रोंकोअच्छेव्यक्तिकेरूपमेंविकसितकरनेकेलिएप्रोत्साहितकरतेहैं。बच्चेखुदअपनीकक्षाकीदीवारेसजातेहै。स्कूलमेंलडकियोंऔरलडकोंकेलिएफ्लशसुविधांवालेअलगअलगशौचालयबनायेहै。इससुविधाकेकारणलडकियोंकास्कूलआनेकाप्रमाणभीबढगयाहै。”

स्कूलमेंभव्यबॅडमिंटनहॉलहै。इसमेंटेबलटेनिस,क्रिकेट,फूटब़ाल,हँडबॉलऔरअन्यग्रामीणखेलकीसुविधांएहैं。हमछात्रोंकोतालुका,जिलेऔरराज्यस्तरकेआंतरविद्यालयप्रतियोगिताओंमेंभागलेनेकेलिएप्रोत्साहितकरतेहै。स्कूलमेंजिल्हास्तरीयचॅम्पियनशीपरखनेकेकारणहमारेस्कूलकेविद्यार्थीराज्यकेअन्यपाठशालाकेछात्रोंसेमिलसकतेहै。संगीतऔरनृत्यसिखनेकेलिएभीबच्चोंकोप्रोत्साहनदियाजाताहै。

श्री。समीरसोमय्यानेविद्यार्थियोंसेमिलनाऔरप्रकल्पमेंआनेवालेबच्चोंकेसाथसमयबितानेपेलक्षकेंद्रितकियाहै。विभिन्नक्षेत्रोंमेकार्यरतव्यक्तिअतिथीकेरूपमेंहमारेकेंद्रमेंछात्रोंसेमिलनेआतेहै。उनकेसाथबातचितकरतेहै。ऐसेउपक्रमहमारेपढनाऔरभीरोमांचकबनाताहै。

स्कूलमेंदीगयीअच्छीसुविधाओंकेकारणहमेअच्छेशिक्षकभीमिलतेहैं。सोमय्याविद्यााविहारपरिवारकाहिस्साहोनेपरबहुतगर्वहै。